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आखिर कितना मुश्किल है Akashdeep sinsinwar

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 आकाशदीप सिनसिनवार 10 /05/2021 ☺❤

ब्रज के राजा सूरजमल Aakashdeep sinsinwar

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  भाइयो मेरी अव तक कि लिखी जिसे में सबसे अच्छा मानता हूं आपको शेयर कर रहा हूं कुछ गलतियां हो तो माफ करे सच्चाई है ❤️❤️🙏🙏🙏🙏🙏 आकाशदीप सिनसिनवार  आजऊ गांव तहशील कुम्हेर जिला भरतपुर जय महाराजा सूरजमल  8290336052 ब्रज के राजा सूरजमल 🙏🙏🙏🙏🙏😊😊 जाट वीर सूरज के हम वंशज उत्तर में फैली धाक हमारी  राजा सूरजमल जाट हमारे जैसे स्वयं श्री कृष्ण ब्रजराज पधारे   राजपाट खातिर हिन्दू से हिन्दू लड़वाया था  अब्दाली  तव न्योतो से जयचंदो ने बुलवाया था   धर्म की हानि खातिर  अब्दाली ने हिन्दू हीन किया   मंदिर तोड़े बच्चे मारे साधु संत औरत सव का कुदीन किया अकेला जाट खड़ा धर्म की खातिर मथुरा में  छाती पर खाये घाव  कयी न मिले मराठे रजवाड़े साथ कहीं तव जाके कहलाया था अंतिम हिंदू सम्राट सूरजमल सिनसिनवार कहीं  एक अकेले जाटों ने कट कट कर बलिदान दिया    हिन्दू धर्म की खातिर अड़ियल जाटों ने मृत्यु को स्वीकार्य किया    श्री कृष्ण के वंशज पर न कोई भी वार हुआ    छलिया के प्रकोप से अब्दाली,  खुद हार गया...

हिंदी Writer poet aakashdeep sinsinwar #google

 आकाशदीप सिनसिनवार 26/07/2019 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 15 के बाद 16 संस्कार में 16 श्रृंगार में  लोगों की खामोशी में उनके पैरों की थापों में  रूदानी फुसफुसाहट में राम नाम के सत्य में  जैसे उसके बोल हो बोले कानों में दहाड़े हैं  बूढ़ी मां की चीखें मेरी सांसो में चिंघाडे हैं  जैसे कोई काम अब भी अधूरा फैल गया  अब तुम छोड़ो क्यों रोतेहो वो तो अपने धाम गया दिल रोया या मन रोया या अपनी औकात देख ये चित रोया  खामोशी नाच रही हो जैसे इस नश्वर के आंगन में  सूखा अकाल पड़ गया हो जैसे भादो बसंत और सावन में  गुलाब थे जो तोड़े  गए महक बिखेरे जाने को    वो मीठी यादों की चहक बिखेरे जाने को   मेहमानों के जाने से कौन भला यूं रोता है     उनका जाना निश्चित था तेरा जाना निश्चित है      फिर क्यू  खुद को तू भिगोता है     खुशी मना ओ नश्वर प्राणी बर्षो बाद      बड़ा दिन शुभ आया      पंद्रह के बाद आज, बड़ा संस्कार सोलह आया       दे...